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समर वेकेशन में जाएं शिमला मन को सुकून देगी शिमला की हरियाली

गर्मी के दिनों में तापमान रोजाना बढ़ता रहता है। स्कूलों की छुट्टियां हो चुकी हैं, सो मौका घूमने के लिहाज से अच्छा है। यदि समय कम है या ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते तो आप शिमला का रुख कर सकते हैं। मन को सुकून देने वाली हरियाली से घिरे शिमला को सात पहाड़ियों का शहर भी कहा जाता है। इस गर्मी में भी यहां का अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आस-पास रहता है।

समय के साथ शिमला आने वालों की संख्या बढ़ी है तो यहां भीड़ ज्यादा रहने लगी है लेकिन अब भी किसी हिल स्टेशन के मुकाबले शिमला का आकर्षण कम नहीं हुआ है। यहां का माल रोड सबसे मशहूर है।

शिमला आने वाले सैलानियों के लिए यहां घूमने-फिरने के अलावा भी बहुत कुछ है। बर्फ पर स्कीइंग करने वालों को जनवरी से मार्च मध्य के बीच यह मौका मिल जाता है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की ओर से नरकंडा में 7 और 15 दिन के प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है।

फिशिंग व गोल्फ के साथ ही आप यहां आकर ट्रैकिंग का मजा भी ले सकते हैं। शिमला-किन्नौर क्षेत्र में नरकंडा से बंजर और सराहन से सांगला यहां के मशहूर ट्रैक रूट हैं। दोनों ही रूट लगभग सवा तीन किलोमीटर की दूरी के हैं।

शिमला की दूरी दिल्ली से बहुत ज्यादा नहीं है। सड़क मार्ग से कार द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। दिल्ली से शिमला के लिए हवाई यात्रा की भी सुविधा है। रेल मार्ग से जाना चाहें तो नैरोगेज लाइन कालका से शिमला तक जाती है। यहां पहुंचने के लिए दो तरह की टॉय ट्रेन का मजा भी लिया जा सकता है। ठहरने के लिए एचपीटीडीसी के होटल व गेस्ट हाउसों के साथ निजी गेस्ट हाउस भारी संख्या में हैं। ट्रैवल कंपनियां यहां घुमाने के लिए कई तरह के पैकेज ऑफर समय-समय पर करती रही हैं।
यूं तो शिमला और इसके आस-पास हजारों की संख्या में ऐसे स्थल हैं जो किसी के भी मन को भा सकते हैं। लेकिन कुछ ऐसी जगह हैं जो यहां आने वाले सैलानियों को खूब भाती हैं।

सैलानियों की शिमला यात्रा इस मंदिर तक आए बगैर पूरी नहीं मानी जाती। शिमला की सबसे ऊंची पहाड़ी जाखू हिल पर स्थित है हनुमान जी का मंदिर। यहां से पूरा शिमला शहर और आस-पास के इलाके दिखाई देते हैं। यहां भगवान शिव का कोटेश्वर मंदिर भी प्रसिद्ध है।
तत्ता पानी :
सतलुज नदी के दाहिने किनारे पर गर्म पानी की जगह भी लोगों को बहुत पसंद है। यहां सल्फर की मात्रा ज्यादा होने से पानी गुनगुना रहता है। यह पानी कई तरह के रोगों को भी दूर करता है।

वॉर मैमोरियल :
शिमला के कई मशहूर ठिकानों में से एक वॉर मैमोरियल भी मशहूर है। यहां के गांधी चौक से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंच पुला के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस के सहयोगी अजीत सिंह की याद में वॉर मैमोरियल बनाया गया है।

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